Showing posts with label सोच. Show all posts
Showing posts with label सोच. Show all posts

जेता-कुम्पा के बलिदान से प्रेरणा ले राजपूत युवा : उम्मेद सिंह करीरी

उम्मेदसिंह, करीरी  जोधपुर के सेनापति जेता और कुम्पा से "सुमेल गिरी" युद्ध के पश्चात् शेरशाह सूरी का ये कथन कि - "मैं मुठ्ठ...
Read More

'कोकरोच और कव्वा' बनाम 'हिन्दू और मुस्लिम'

एक कीट होता है कोकरोच, इनकी ख़ास आदत होती है... जब भी कोई साथी कोकरोच ऊपर चढ़ता है...टांग पकड़ कर खींच लेते हैं... एक कोकरोच मरेगा त...
Read More

!! क्षात्रधर्म !!

!! क्षात्रधर्म !!  "क्षति से जो समाज की रक्षा करता है ; वही क्षत्रिय कहलाता है..!"  वैदिक सनातन धर्मं में क्षत्रिय धर्म का...
Read More

और भ्रम ना फैलाये...!

आजकल फेसबुक या अन्य वेब के जरिये कुछ लोगों द्वारा भारत के प्राचीन इतिहास की तोड़-मरोड़ की जा रही है! यह दुर्भाग्यपूर्ण है! भारत की स...
Read More

फिर से जीवित हो क्षात्र धर्म ...!

पर-ब्रह्म परमेश्वर ने सृष्टि को रच दिया ! क्षरण से इसकी रक्षा का भार किसे दिया ?१? कौन इसे क्षय से बचा  कर जीवन देगा ? कौन इसे पुष्प...
Read More

संसार क्या हैं

एक दिन एक शिष्य ने गुरु से पूछा, 'गुरुदेव,  आपकी दृष्टि में यह संसार क्या है? ' इस पर गुरु ने एक  कथा सुनाई।  'एक नगर में एक...
Read More

अपने आप को राजपूत कहते हो ?

एक गांव में प्रतापनेर गद्दी के राजा भेष बदल कर गये और एक दरवाजे पर पडे तख्त पर बैठ गये। गांव राजपूतों का कहा जाता था। सभी अपने अपने नाम के ...
Read More

अंतिम सांसे

राष्ट्र के दिल ओ दिमाग में लहू बनकर दौड़ने वाला राजपूत वेंटिलेटर पर अंतिम सांसे लेने की तरफ अग्रसर .......... मुझे आज 1...
Read More

युवाओ की खत्म होती जिग्यासा-राष्ट्र की प्रगती मे बाधा

युवाओ की खत्म होती जिग्यासा-राष्ट्र की प्रगती मे बाधा (लेखन-कुँवर विश्वजीत सिँह सिसोदिया) भारत एक ऐसा राष्ट्र जिस पर जितने भी सम्राट ...
Read More
संपुर्ण राजपूत कौम को एक संदेश.....!

संपुर्ण राजपूत कौम को एक संदेश.....!

सभी क्षत्रिय परीवार के सदस्यो को सादर प्रणाम!मानव सभ्यता की सभी पिढीयोँ पर अगर गौर किया जाए तो ईस धरा के रक्षणार्थ महान क्षत्रियोँ कौमोँ का...
Read More
आरक्षण का महत्व को समझने के लिए हमे इसके उदेश्य को समझना होगा.

आरक्षण का महत्व को समझने के लिए हमे इसके उदेश्य को समझना होगा.

मैं, भारत का एक युवा नागरिक अपने देश के समछ और मुख्यतः देश के प्रधान-मंत्री के समछ एक सवाल उठाना चाहता हूँ और उसकी समुचित उत्तर की अपेचा...
Read More
हम घर पर सोए रहें और क्रांति हो जाए ये संभव नहीं है

हम घर पर सोए रहें और क्रांति हो जाए ये संभव नहीं है

हमारी व्यवस्था का ये बदनुमाँ दाग कहीं इतना बड़ा न हो जाए कि हमारी तरक्की के उजले सूरज को ही निगल ले...!! बस यही डर हमें सता रहा है। हमें ...
Read More